गुरुवार, 20 अगस्त 2015

मुख्यमंत्री हरीश रावत जी का पोता स्कूल न भी जाए तो क्या फर्क पड़ता है?

मुख्यमंत्री हरीश रावत जी का पोता स्कूल न भी जाए तो क्या फर्क पड़ता है? नेताशाही की कुर्सी तो विरासत में मिल ही जायेगी... सवाल ये उठता है कि 
क्या उत्तराखंड सरकार भी इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फ़ैसले का सम्मान करेगी या उत्तराखंड सरकार के लिए उच्च न्यायालय को अलग से आदेश देना होगा ? 
इलाहबाद हाईकोर्ट का फ़ैसला सभी सरकारी कोष (जनता के करों से एकत्रित) से वेतन भत्ते लेने वाले नेताशाही,अफ़सरशाही,जजशाही,बाबूशाही आदि को अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाना अनिवार्य होगा और इसका पालन 6 माह के अन्दर करके इलाहाबाद उच्च-न्यायालय को रिपोर्ट देनी होगी....
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बुधवार, 22 अप्रैल 2015

"पृथ्वी दिवस: हमें जो आवश्यक नहीं भी था वो भी हमने धरती का सीना छलनी करके हासिल किया"

आज 45वां पृथ्वी दिवस यानि 22 अप्रैल का दिन है, विश्व के 192 देश पृथ्वी के प्रति आज अपना चिंतन ब्यक्त करेंगे... जीवन दायनी पृथ्वी पर हो रहे उथल पुथल के लिए हमें तय करना होगा  हम जिस प्रकार का जीवनयापन कर रहे हैं, क्या उससे आने वाली पीढियां हमें माफ़ कर पायेंगी?
विश्व की जनसँख्या आज 7 अरब के पार पहुँच चुकी है, अकेले भारत पर गौर करें तो 68 वर्ष पूर्व जब भारत आजाद हुवा था तब भारत की जनसँख्या मात्र 30 करोड़ थी जो आज बढ़ कर 130 करोड़ हो चुकी है और ये सरकारी आंकड़ा है जिस पर हमेशा प्रश्नचिन्ह रहता है, बांग्लादेश, पाकिस्तान, नेपाल आदि देशों के भी करोड़ों लोग अवैध रूप से भारत में रहते हैं| संसाधनों की बात करें तो भारत में आज़ादी के समय से ही भुखमरी चल रही थी जबकि तब जनसँख्या मात्र 30 करोड़ थी, ऐसे में आज ये और भी सोचनीय विषय हो जाता है कि आज भारत की 130 करोड़ की जनसँख्या के लिए खाद्यान कहाँ पैदा होता होगा? कहाँ इतनी जनसँख्या रहती होगी ? क्या खाती होगी ? कहाँ चलती होगी ? और कैसे चलती होगी ? क्या हमने कभी इस ओर गौर किया ?
आज विश्व भर में 7 अरब से उपर की जनसँख्या हो चुकी है, ऐसे में गौर करने वाली बात ये है कि केवल जनसँख्या ही नहीं बढ़ी बल्कि मनुष्य की भौतिक आवश्यकताएं भी साथ-साथ बढीं हैं ? भवन, गाड़िया, सड़क, कारखाने, होटल, मॉल, दुकान, रेल, जहाज, मोबाइल, टीवी, फ्रिज, एसी, कूलर, पंखे, बल्ब, प्लास्टिक, लोहा, कांच, कोयला, तेल, गैस, चूल्हा, चिमनी, कम्प्यूटर, फैक्स, फोटो स्टेट मशीन, बिजली परियोजनायें, मोटर, बैट्री, टाइल, ईंट, सीमेंट, पेंट, मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, चर्च, आश्रम खिलोने आदि ? ये सब बढ़ा है और बेतहाशा बढ़ा है और ये सब हमें किसने दिया ? हम इंसानों ने अपनी भौतिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जिस भी वस्तु की आवश्यकता हुई वो हमने पृथ्वी से हासिल की, इतना ही नहीं हमें जो आवश्यक नहीं भी था वो भी हमने धरती का सीना छलनी करके हासिल किया ?
हम हिन्दू,मुसलमान,सिख,इसाई,बौध,पारसी,यहूदी चाहे किसी भी समुदाय से हों, चाहे कितने ही पूंजीपति या गरीब हों हम सबका अस्तित्व तभी तक है जब तक ये धरती और इसका पर्यावरण सुरक्षित है, यहाँ शुद्ध पीने का पानी, खाने के लिए पोष्टिक खाद्यान  और साँस लेने के लिए शुद्ध हवा है |
धरती को सुरक्षित रखने की नैतिक जिम्मेदारी हम मानवों पर है और हम मानव ही इसको नष्ट करने पर तुले हैं| हमें धरती के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा | हमें धरती पर कम से कम कंक्रीट, जीव-जंतुओं,पशु-पक्षियों की सुरक्षा, शुद्ध पानी के लिए वृक्षारोपण, कूड़े का जैविक निस्तारण, जैविक खेती, सौर एवं पवन उर्जा का स्त्माल, ग्रीन-हाउस गैसों में कमी लाने के लिए ठोस और कारगर कदम उठाने होंगे, तभी जाकर हम धरती को सुरक्षित रख पायेंगे |

भार्गव चन्दोला (सामाजिक कार्यकर्ता, हिमालय बचाओ आन्दोलनकारी)
1, राजराजेश्वरी विहार, लोवर नथनपुर,
पोस्ट आफिस नेहरुग्राम, देहरादून-248 001

सम्पर्क न. 09411155139, Email: bhargavachandola@gmail.com

शनिवार, 3 जनवरी 2015

नव वर्ष 2015 की हार्दिक बधाई “प्यारे देशवासियों दूषित पर्यावरण से धरती व् जीवन पर खतरा मंडरा रहा है”

आओ नववर्ष पर पर्यावरण को सुरक्षित रखने हेतु कुछ संकल्प लें:-
  1. पालिथीन का इस्तमाल कम से कम करेंगे व् इस्तमाल की गई पालिथीन को एकत्र कर वापस दुकानदार को सौंपेंगे|
  2. अपने पालतु जानवरों को आवारा नहीं छोड़ेंगे व् अपने पालतु जानवरों को घर में ही सौच करवाएंगे |
  3. खाना बनाने के बाद बचा हुवा खाना व् फल शब्जी के छिल्के आदि अपने आसपास बनी दूध की डेरी के गाय/बछड़ों को खिलाकर उनकी सेवा करेंगे |
  4. अपने घर, गली, गाँव, शहर में न गंदगी करेंगे न किसी को करने देंगे |
  5. अपने व् अपने प्रियजनों के जन्मदिवस, शादी, शादी की शालगिरह आदि पर हर वर्ष कम से कम 5 फलदार वृक्ष लगायेंगे |
  6. धरती पर अनावश्यक कंक्रीट के जंगल नहीं उगने देंगे |
  7. बेटी-बहुओं को अच्छी शिक्षा व् सम्मान देंगे |
  8. यातायात नियमों का पालन करेंगे, हमेशा हैलमेट पहनकर, शीट बैल्ट बांधकर, धीमी गति से अपनी दिशा में वाहन चलायेंगे |
  9. नदी-नौलों में किसी भी प्रकार की पूजा सामग्री नहीं डालगें और नदी-नौलों को स्वच्छ रखेंगे |
  10. भ्रष्टाचार मुक्त विश्व के लिए न कभी रिश्वत लेंगे और न रिश्वत देंगे |
भार्गव चन्दोला (सामाजिक कार्यकर्त्ता)
1, राजराजेश्वरी विहार, वार्ड न. 14, लोअर नथनपुर, देहरादून-248005,
संपर्क: 9411155139
WITH THE HELP OF ONE SHARE, HUNDRED PEOPLE ARE AWARE

 

बुधवार, 3 दिसंबर 2014

महाराणा प्रताप के नाम पर कालिख पोत रहा स्पोर्ट्स कालेज, रायपुर, देहरादून

सेवा में,                                               दिनांक:  3-12-14
     श्रीमान लोकायुक्त महोदय/
     एवं माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड श्री हरीश रावत जी
     उत्तराखंड सरकार |

विषय: महाराणा प्रताप के नाम पर कालिख पोत रहा स्पोर्ट्स कालेज, रायपुर देहरादून| नियमों को तार-तार कर शिक्षा विभाग की प्राइमरी सहायक शिक्षिका श्रीमती मीना सिंह का स्पोर्ट्स कालेज में प्रवक्ता के पद पर किया गया समायोजन| खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल, खेल सचिव एवं अध्यक्ष स्पोर्ट्स कालेज मैनेजमेंट बोर्ड डा. अजय प्रद्योत, उपनिदेशक खेल श्री अजय कुमार अग्रवाल, स्पोर्ट्स कालेज प्राचार्य एवं जिला शिक्षा अधिकारी पद्मेंद्र सकलानी द्वारा खेला गया श्रीमती मीना सिंह को समायोजन करने का खेल| खेल एवं युवा कल्याण विभाग में तैनात उपनिदेशक श्री शक्ति सिंह की पत्नी हैं श्रीमती मीना सिंह |
महोदय,
     तकनीकी क्षेत्र में प्रदेश का नाम रोशन करता रुड़की आई.आई.टी., सैन्य क्षेत्र में आई.एम्.ए., कृषि क्षेत्र में पंतनगर विश्वविध्यालय की तरफ जब नजर जाती है तो फक्र से सीना चौड़ा हो जाता है की ये तीनों उत्तराखंड के अंग हैं| ठीक इसी प्रकार खेल जगत में प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज की स्थापना की गई थी और कालेज प्रबंधन को प्रदेश से उत्तम छात्रों का चयन कर प्रशिक्षित करने का जिम्मा दिया गया था ताकि प्रदेश के नौनिहाल राष्ट्रीय व अन्तराष्ट्रीय स्तर पर खेल जगत में प्रदेश का नाम रोशन कर सकें मगर स्पोर्ट्स कालेज प्रबंधन कालेज की स्थापना के उद्देश्य को पूरा करने में पूर्ण रूप से विफल रहा है, कारण जानने के लिए मैंने सूचना का अधिकार अधिनियम वर्ष 2005 के अंतर्गत स्पोर्ट्स कालेज से कुछ बिन्दुओं पर सूचना मांगी तो आनाकानी के बाद जो सूचना प्राप्त हुई उससे चौंकाने वाले तथ्य सामने आये जिन्हें देखकर हैरानी होती है, स्थापना से लेकर अब तक महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज के साथ कालेज प्रबंधन, खेल विभाग, खेल मंत्री, खेल सचिव एवं उपनिदेशक खेल केवल अपने हितों को साधने का खेल खेलते नजर आ रहे हैं|
     ताजा मामला अभी-अभी शिक्षा विभाग में प्राइमरी स्कूल में प्राइमरी सहायक अध्यापिका श्रीमती मीना सिंह को सारे नियम कानूनों को दरकिनार करके महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज रायपुर, देहरादून में प्रवक्ता के पद पर समायोजन करने का है|
     श्रीमती मीना सिंह जिनकी नियुक्ति से लेकर अब तक की सारी सेवा देहरादून और आस-पास के सुगम क्षेत्र में रही है, शिक्षक स्थानान्तरण नीति बनने के बाद श्रीमती मीना सिंह को दुर्गम स्थान पर स्थानान्तरण पर जाना था मगर उससे पहले ही श्रीमती मीना सिंह के पति श्री शक्ति सिंह, उपनिदेशक खेल एवं युवा कल्याण ने जिला शिक्षा अधिकारी देहरादून श्री पद्मेंद्र सकलानी से 6 दिसंबर 2013 को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करवा दिया और अपने विभागीय अधिकारीयों एवं अपने पद का दुरुपयोग करके सारे नियमों को ताक पर रखकर राजकीय प्राथमिक विद्यालय नथनपुर, देहरादून में प्राइमरी सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात अपनी पत्नी श्रीमती मीना सिंह को सीधे महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज में बिना किसी रिक्ति के आवेदन की विज्ञप्ति के सीधे सहायक अध्यापिका माध्यमिक के पद पर 10 दिसंबर, 2013 की बोर्ड बैठक में प्रतिनियुक्ति का प्रस्ताव पारित करवा दिया और अध्यक्ष मैनेजमेंट बोर्ड, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज सोसाइटी एवं सचिव, युवा कल्याण एवं खेलकूद, उत्तराखंड शासन के पद पर बैठे खुद प्रतिनियुक्ति पर आये डा. अजय प्रद्योत ने 14 दिसंबर शनिवार के दिन श्रीमती मीना सिंह को सीधे पांच वर्ष के लिए प्रतिनियुक्ति आदेश जारी कर दिया, कब यह आदेश जारी हुवा और कब श्रीमती मीना सिंह तक पहुंचा अगले दिन रविवार यानि 15 दिसंबर का अवकाश होने के बावजूद 16 दिसंबर, 2013 को मीना सिंह ने स्पोर्ट्स कालेज में प्रतिनियुक्ति पर अपनी जोइनिंग देकर उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर भी कर दिए इस सबसे सारा खेल समझा जा सकता है, वैसे तो सरकारी डाकें महीनों महीने नहीं आती हैं ये पहली बार हुवा होगा कि मीना सिंह के लिए डाकखाने रविवार को भी खुले रहे होंगे?
     श्रीमती मीना सिंह ने स्पोर्ट्स कालेज में प्रतिनियुक्ति पर अपनी 10 दिन की सेवा दी और उसके बाद स्पोर्ट्स कालेज से 1 जनवरी 2014 से 20 मई, 2014 तक के लिए बी.एड.शैक्षिक अवकाश ले लिया और इसे स्पोर्ट्स कालेज ने स्वीकृत भी कर दिया और स्पोर्ट्स कालेज श्रीमती मीना सिंह को सरकारी खजाने से प्रतिनियुक्ति भत्ते के साथ शैक्षिक अवकाश का वेतन भी जारी करता रहा अगर इसी प्रकार प्रदेश के सभी कर्मचारी वेतन के साथ शैक्षिक अवकाश पर जाते रहे तो प्रदेश की जनता का खजाना तो बिना बात के ही लुटता रहेगा| जबकि स्पोर्ट्स कालेज नियमावली, वर्ष 2013 में सहायक शिक्षा अध्यापक के पद पर प्राइमरी सहायक शिक्षा अध्यापक को प्रतिनियुक्ति पर लिया जा सकता हो ऐसा कोई उल्लेख ही नहीं है|
     इधर श्रीमती मीना सिंह के शैक्षिक अवकाश पर गए एक माह भी पूरा नहीं हुवा उधर खेल मंत्रालय ने भी खेल एवं युवा कल्याण उपनिदेशक श्री शक्ति सिंह की पत्नी श्रीमती मीना सिंह के लिए और उदारता दिखाने के लिए खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री दिनेश अग्रवाल ने श्रीमती मीना सिंह को स्पोर्ट्स कालेज में समायोजन के लिए सचिव खेल/अध्यक्ष, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स सोसाइटी रायपुर, देहरादून को पत्रावली प्रस्तुत करने का लिखित आदेश जारी कर दिया उपनिदेशक, युवा कल्याण की पत्नी का सवाल जो था खेल मंत्री कैसे नहीं दरियादिली दिखाते?
     इधर श्रीमती मीना सिंह का शैक्षिक अवकाश पूरा होता उससे पहले ही महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज के प्रधानाचार्य श्री मनोज कुमार शर्मा ने भी श्रीमती मीना सिंह के लिए उदारता दिखाई और उनके शैक्षिक अवकाश के दौरान ही निदेशक खेल को श्रीमती मीना सिंह का स्पोर्ट्स कालेज में आमेलन के लिए पत्र लिख कर अनापत्ति जाहिर कर दी और मीना सिंह को बिना परीक्षा पास किये सफल घोषित कर दिया |
     श्रीमती मीना सिंह ने 20-9-14 को प्रधानाचार्य, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज को अपने बी.एड. कोर्स का अंकपत्र की छायाप्रति सेवा पुस्तिका में अंकित करने के लिए पत्र लिखा|
     श्रीमती मीना सिंह ने 22-9-14 को अध्यक्ष, मैनेजमेंट बोर्ड, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज सोसाइटी को अपना समायोजन प्रवक्ता (इतिहास) के पद पर करने के लिए पत्र लिखा|
     30-9-14 को अध्यक्ष, मैनेजमेंट बोर्ड, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज सोसाइटी रायपुर, देहरादून यानि डा. अजय कुमार प्रद्योत ने सचिव, खेल उत्तराखंड शासन यानि डा. अजय कुमार प्रद्योत को श्रीमती मीना सिंह, प्राइमरी सहायक अध्यापिका, शिक्षा विभाग के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज में सेवा स्थानान्तरण के आधार पर आमेलन किये जाने के सम्बन्ध में पत्र जारी किया जिसके जवाब में सचिव, खेल उत्तराखंड शासन यानि डा. अजय कुमार प्रद्योत अध्यक्ष, मैनेजमेंट बोर्ड, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज सोसाइटी रायपुर, देहरादून यानि डा. अजय कुमार प्रद्योत खुद ही खुद को श्रीमती मीना सिंह का स्पोर्ट्स कालेज में प्रवक्ता के पद पर समायोजन करने की स्वीकृति प्रदान करते हैं |
     उपनिदेशक, युवा कल्याण एवं खेलकूद श्री शक्ति सिंह की पत्नी श्रीमती मीना सिंह को प्रवक्ता (इतिहास) के पद पर समायोजन करने का 9 अक्टूबर, 2014 को अध्यक्ष, मैनेजमेंट बोर्ड, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज सोसाइटी रायपुर, देहरादून यानि डा. अजय कुमार प्रद्योत द्वारा आदेश जारी किया गया है, जबकि स्पोर्ट्स कालेज सेवा नियमावली वर्ष 2013 के भाग तीन पृष्ठ संख्या 4 में स्पष्ट उल्लेखित है कि प्रवक्ता के स्वीकृत पदों में 50% सीधी भर्ती द्वारा एवं 50% पदोन्नति के माध्यम से भरा जाएगा जिसमें प्रवक्ता के पद पर पदोन्नति के लिए सहायक शिक्षा अध्यापक के पद में मौलिक रूप से नियुक्त शिक्षकों, जिन्होंने भर्ती के वर्ष के प्रथम दिवस को इस रूप में न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली हो और जो नियम 8(3) के अधीन पद के लिए विहित अपेक्षित अहर्ता रखता हो, में से पदोन्नति द्वारा भरा जाएगा, यहाँ ये भी स्पष्ट किया जाता है कि महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज में वर्तमान में इतिहास विषय पढ़ाया ही नहीं जा रहा है और माध्यमिक शिक्षा परिषद (उत्तराखंड बोर्ड) से इतिहास विषय को पढ़ाया जाने की कोई मान्यता भी नहीं ली गयी है जो कि प्रवक्ता (इतिहास) पर श्रीमती मीना सिंह की नियुक्ति को और भी संदिग्ध बनाता है|
     जबकि श्रीमती मीना सिंह द्वारा सहायक अध्यापक के पद पर स्पोर्ट्स कालेज में मात्र 10 दिन ही सेवा दी गई है, इससे पूर्व में मीना सिंह प्राइमरी सहायक अध्यापिका रही हैं न की माध्यमिक सहायक अध्यापिका इससे स्पष्ट है कि मीना सिंह की नियुक्ति के लिए किस प्रकार से खेल खेला गया है| जिस प्रकार एक प्राइमरी सहायक शिक्षिका को प्राइमरी सहायिका से प्रवक्ता के पद तक का खेल रचा गया वो प्रदेश के उन प्रतिभावान युवाओं के अधिकारों पर कुठाराघात है जो दिन रात इस आशा के साथ लगन मेहनत करते हैं कि एक दिन उन्हें उनकी मेहनत का फल मिलेगा|
            इसके आलावा श्रीमती मीना सिंह जहाँ जहाँ पर भी तैनात रही हैं उनके पति श्री शक्ति सिंह, उपनिदेशक, खेल एवं युवा कल्याण द्वारा विभागीय गाड़ी को विभागीय कार्यों के बजाय अपनी पत्नी श्रीमती मीना सिंह को लाने ले जाने के कार्य में दुरूपयोग किया जाता रहा है जिसका शाक्षी जिस क्षेत्र में श्रीमती मीना सिंह तैनात रही हैं वहां की जनता और मैं स्वयं हूँ, महोदय ऐसे कृत्य से प्रदेश की जनता के राजस्व पर डाका डाला गया है |
     महोदय अगर इसी प्रकार प्रदेश में जंगलराज कायम रहेगा और कर्मचारी अधिकारी अपने परिवार के सदस्यों के लिए सारे नियम कानूनों को धत्ता बताते रहेंगे तो प्रदेश के बेरोजगार कहाँ जायेंगे ? महोदय इस प्रकार के कृत्यों से प्रतिभावान युवाओं का मनोबल टूटता है और वो अवसादग्रस्त होकर अपराध जगत की ओर जाने को मजबूर होते हैं इसलिए ऐसे विषयों पर दोषियों पर कढ़ी से कढ़ी सजा का प्रावधान होना चाहिए|
     अत: महोदय आप से आग्रह है कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग एवं महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज की स्थापना से लेकर अब तक हुई नियुक्ति, तमाम खरीद फ़रोख्त, सांस्कृतिक आयोजन, खेल आयोजन, स्किल डेवलपमेंट, पायका के तहत बनाये गए खेल मैदान, एवं निर्माण कार्यों की सी.बी.आई. जांच करवाई जाए एवं जो भी दोषी हों जितने भी शक्तिशाली हों उन सभी पर कढ़ी से कढ़ी कार्यवाही की जाए, साथ ही महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज को उसके नाम के अनुरूप आई.आई.टी. रुड़की, आई.एम्.ए. एवं पंतनगर विश्वविद्यालय की तरह प्रतिष्ठित बनाया जाए ताकि खेल जगत में प्रदेश के नौनिहाल उत्तराखंड का नाम रोशन कर सकें|

धन्यवाद,

भार्गव चन्दोला (सामाजिक कार्यकर्त्ता)
पूर्व प्रदेश सचिव आप उत्तराखंड
1 राजराजेश्वरी विहार, वार्ड न. 14, नथनपुर, पो.ओ.नेह्रुग्राम-248005, 
देहरादून, उत्तराखंड

संपर्क न. 09411155139, email: bhargavachandola@gmail.com

मंगलवार, 16 सितंबर 2014

भारत के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी को उनके जन्मदिन के अवसर पर चाइना ने दिया तौफा

बब्बर शेर भारत के प्रधानमंत्री माननीय Narendra Modi जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई, साहेब अख़बारों में पढ़ रहा हूँ चाइना की सेना के 300 जवानों ने 100 भारतीय सैनिकों को बंधक बना लिया है, साथ लद्दाख के देमचोक इलाके में चाइना की आम जनता ने घर बनाने शुरू कर दिए हैं और भारत द्वारा निर्माणाधीन नहर तक का काम रुकवा दिया है, साहेब ये भारत की जनता को आपके जन्मदिन के अवसर पर कैसा तौफा दे रहा है ? साहेब आपने कहा था "न किसी को आँख दिखायेंगे, न किसी को आँख दिखाने देंगे", साहेब ये चाइना वाले तो छाति में आकर बैठ गए, साहेब जल्दी  कुछ करो नहीं तो "अच्छे दिनों" पर चाइना कब्ज़ा कर लेगा....

गुरुवार, 11 सितंबर 2014

"जम्मू-कश्मीर में प्रकृति के तांडव के बाद जनहित में एक गम्भीर सूचना"

मित्रों जम्मू-कश्मीर में भयानक आपदा आई है जिससे वहां का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, ऐसे में वो चील-कौवे भी मंडराने लगे हैं जो ऐसे अवसर पर पीड़ितों की मदद करने के नाम पर भांति-भांति की दुकाने खोलकर बैठ जाते हैं, जिनका केवल एक ही मकसद होता है आपदा के नाम पर अपने लिए सम्पदा जोड़ना |
16-17 जून वर्ष 2013 में उत्तराखंड में भी भयानक तांडव प्रकृति ने दिखाया था जिसमे अलग-अलग तरीके से लूट-खसोट आज भी बदस्तूर जारी है| इस क्रम में सबसे ऊपर ईमानदार पार्टी होने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी है जिसने आपदा पीड़ितों के नाम पर चंदा एकत्र करके विश्वभर के दानदाताओं की भावनाओं के साथ कुठाराघात किया है, सबूतों के साथ पूर्ण सच्चाई जानने के लिए आप निम्न लिंक पर जाकर देख सकते हैं:
http://bhargava-chandola.blogspot.in/2014/08/16-17-2013.html
मित्रों इसलिए मेरा आप सभी से निवेदन है आप आपदा पीड़ितों की सहायता करें, मगर या तो सरकारी ख़जाने में जमा करके जिसका आप सूचना के अधिकार के माध्यम से कल के दिन पर हिसाब भी मांग सकते हैं या स्वयं पीड़ितों के पास जाकर उनकी मदद करें |
स्नेहपूर्ण जनहित अभिलाशी,
भार्गव चन्दोला (हिमालय बचाओ आन्दोलनकारी)
पूर्व प्रदेश सचिव, आम आदमी पार्टी उत्तराखंड